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Showing posts from June, 2022

बारां मेडिकल कॉलेज के निर्माण की राह प्रशस्त

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बारां. जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के पहले फेज का निर्माण कार्य इसी माह शुरू हो जाएगा। राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कारर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) की ओर से पूर्व में की गई टेंडर प्रक्रिया को राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी व आरएसआरडीसी के उच्चाकारियों की समिति ने गुरुवार को निर्माण की स्वीकृति जारी कर दी है। अब संवेदक की ओर से गारंटी राशि जमा करने के 10 दिन बाद निर्माण आरम्भ किया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेज के प्रथम चरण में कुल 99.12 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। केन्द्र व राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी में संचालित होने मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए फिलहाल 148 करोड़ रुपए का बजट आरएसआरडीसी को उपलब्ध कराया गया है। आरएसआरडीसी के सूत्रों ने बताया कि पूर्व में प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेंडर जारी करने का मामला राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी व आरएसआरडीसी के उच्चाधिकारियों की समिति के समक्ष विचाराधीन था। पहले फेज में यह कार्य होंगे आरएसआरडीसी के सूत्रों ने बताया कि मेलखेड़ी छापर के निकट स्थित लगभग 171 बीघा भूमि में निर्माण के प्रथम चरण में एकेडेमिक ब्लॉक, छात्र व छात्रा हॉस्टल, प्राचार्य आवास के ...

मानसून जैसी बरसात से धरतीपुत्रों के चेहरे खिले

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मांगरोल. इस बार समय पर बरसात होने से खेती किसानी का साल अच्छा बैठने के आस बंधने लगी है। मौसम विभाग अभी मानसून के पूरी तरह सक्रिय नहीं होने का अनुमान बता रहा है। लेकिन क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुई मूसलाधार बरसात के बाद खेतों में बा आने के साथ ही किसानों नें सोयाबीन की बुवाई शुरु कर दी थी। किसानों को बरसात कि वजह से अच्छी फसल की उम्मीद हो रही है। इक्का दुक्का गांवों को छोड़ कमोबेश सब गांवों में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है। बुवाई के बाद दाना अंकुरित होने लगा और पानी की जरुरत महसूस हुई तो मंगलवार की शाम से लेकर देर रात तक कहीं रिमझिम तो कहीं मूसलाधार बरसात ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी। पिछले साल अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन की अधिकांश फसल खराब गई थी। इससे किसानों का इस फसल से मोहभंग होता। लेकिन मानसून पहले की बरसात ने किसानों का मानस बदल दिया। इस साल पिछले साल से ज्यादा रकबे में सोयाबीन की बुवाई हुई है। मंगलवार की रात क्षेत्र के रायथल, बोरदा, किशनपुरा, मूंडला, रामपुरा भक्तान, जलोदा तेजाजी, रगसपुरिया व महुआ समेत दो दर्जन गांवों में कहीं मूसलाधार तो कहीं रिमझिम बरसात ने सोयाबीन की...

देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए, अब लगी मानसून पर टकटकी

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बारां. जुलाई के पहले सप्ताह का मानसून का खास नाता रहा है। जिले में मानसून का आगमन वैसे तो जून माह के दूसरे पखवाड़े में आने का पूर्वानुमान मौसम विभाग लगाता रहा है। लेकिन इस दौरान प्री-मानसून की बारिश से ही लोगों को संतोष करना पड़ता है। बीते ग्यारह बरसों में मानसून जिले में जुलाई माह में दस्तक देता है। इनमें एक साल तो पहली जुलाई को बादल इतने झूमकर बरसे थे कि बारां शहर समेत जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। जबकि बीते वर्ष 2021 में मानसून कर सक्रियता अगस्त माह में बढ़ी थी। बरसात के मामले में जिले के शाहाबाद उपखंड को राजस्थान के चेरापूंजी के नाम से भी जाना जाता रहा है। इस वर्ष अब तक जिले में मानसून सक्रिय नहीं हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने बुधवार से जिले में मानसून के सक्रिय होने के पूरे आसार भी मौसम विभाग ने की हुई है। छह साल बारिश का खूब धमाल वर्ष 2011 से 2021 तक पिछले 11 वर्षोँ में जिले में छह साल जिले में बदरा जमकर बरसे हैं। जिले में प्रति वर्ष सामान्तया 750 मिमी औसत बारिश माना जाता है। लेकिन इस अवधि में छह वर्ष ऐसे भी रहे जब औसत बारिश का आंकड़ा 1000 मिमी से अधिक बार...

हत्या करने के तीन और आरोपी पकड़े

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कवाई. भगवानपुरा में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीट-पीटकर हत्या करने वाले पांचों आरोपी सगे भाई हैं। इनमें से दो को तो घटना के तुरंत बाद डिटेन कर लिया गया था, शेष तीन भाइयों को शनिवार को पुलिस ने थाना क्षेत्र के टांचा गांव के करीब से गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी किरदार अहमद ने बताया कि बुधवार को मृतक रङ्क्षवद्र उर्फ भोजराज के बड़े भाई नन्दङ्क्षसह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसका छोटा भाई रविन्द्र उर्फ भोजराज जो छीपाबड़ौद में रहता है। उसकी मेघराज, मौजीराम मीणा निवासी भगवानपुरा से पुरानी रंजिश थी। घटना के दिन रविन्द्र बाइक से छीपाबड़ौद से अजनावर होता हुआ टांचा की तरफ आ रहा था जो कि समय 8 के लगभग पुरुषोत्तम मीणा पटेल भगवानपुरा के बाड़े के पास पहुंचा ही था कि पहले से ही घात लगाकर बैठे मौजीराम व उसके भाईयों ने सरियों व लकड़ी से मारपीट कर रङ्क्षवद्र को घायल कर दिया। इससे उसकी वहीं मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिनेन्द्र कुमार जैन के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक श्योजीलाल मीणा के निकटतम सुपरवि•ान में थानाधिकारी ...

...इधर मौसम बदला, उधर सोयाबीन की बुवाई शुरू

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मांगरोल. मानसून पूर्व की बरसात के बाद पिछले तीन दिन से पानी नहीं बरस रहा है। ऐसे में खेतों में बा आने के साथ ही किसान एक साथ सोयाबीन की बुवाई में जुट गए हैं। फसल कटने के बाद सूनी हुई खेतों की पगडंडियों पर फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी है। एक साथ सोयाबीन की बुवाई का सीजन शुरू हो जाने से डीजल की बिक्री बढ़ गई है। काश्तकारों के खेती किसानी के काम में लग जाने से बाजारों में आमदरफत कम दिखाई देने लगी है। शनिवार को कड़क धूप निकली, कभी बादल छाए, लेकिन बरसात नहीं हुई। पिछले साल अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन का बीज मिलने में किसानों को दिक्कत आ रही है। वहां इस बार बीज के भाव भी 9 हजार रुपए प्रति ङ्क्षक्वटल हो गए हैं। मानसून के देरी आने के मौसम विभाग के समाचार के बाद किसान एक साथ बुवाई में लग गए है। इस बार किसानों को मानसून पहले की बरसात के होने से सोयाबीन की फसल बुवाई में भी देरी नहीं हुई है। मिट्टी नम हुई तो शुरू हुई सोयाबीन की बुवाई बोहत. कस्बे सहित गांवों में खरीफ की फसल सोयाबीन की बुवाई जोरों पर है। पिछले तीन दिन से किसान खेत की हंकाई-जुताई में लगे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर प्री मानसू...

तालाब और बांध जोह रहे बरसात की बाट

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बारां. जिले में प्री-मानसून के तहत भले ही अब तक औसत 92 मिमी (करीब चार इंच) बारिश हो युकी है, लेकिन इस दौर में कुछ ही बांध व तालाबों में ङ्क्षसचाई के लिए पानी की आवक हो सकी है। जिले में ऐसे 18 बांध व तालाब हैं, जिनसे खरीफ के बाद रबी की फसलों की बुवाई व ङ्क्षसचाई होती है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले में मानसून सक्रिय नहीं हुआ है। ऐसे में जल संग्रहण क्षेत्रों की प्यास भी नहीं बुझी है। ऐसे में ङ्क्षसचाई स्रोतों में पानी की आवक नहीं हो रही। जबकि गत वर्ष जिले में अतिवृष्टि के हालात बनने से सभी ङ्क्षसचाई व पेयजल स्रोत लबालब होकर छलक गए थे। इनसे रबी की फसलों की ङ्क्षसचाई को संबल मिला था तथा गेहूं ही नहीं लहसुन की फसल की ङ्क्षसचाई में भी आसानी रही थी। 76 हजार हैक्टेयर में होती है ङ्क्षसचाई जल संसाधन विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में सात लिफ्ट ङ्क्षसचाई परियोजनाओं के अलावा 18 छोटे-बड़े बांध व तालाब हैं। बांध व तालाबों से लगभग 51 हजार हैक्टेयर जमीन ङ्क्षसंचित होती है। जबकि सात लिफ्ट परियोजनाओं से लगभग 25 हजार हैक्टेयर जमीन में फसलों की प्यास बुझती है। इनके अलावा च...

सुबह-सुबह ही मौत ने दबोचा, घर में लगा बिजली का खम्भा बना कारण

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भंवरगढ़. कस्बे की तेजाजी डांडा सहरिया बस्ती में रहने वाले एक वृद्ध दम्पती सोमवार सुबह घर के आंगन में मृत मिले। इसकी जानकारी सूर्योदय के बाद आसपास रहने वाले पड़ोसियों को लगी। इसी बीच बिजली बनाने के कारखाने में कार्यरत मृतकों का छोटा बेट सहरिया भी वहां पहुंच गया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शवों को राजकीय चिकित्सालय लाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा अंतिम संस्कार के लिए बड़े पुत्र प्रेमराज सहरिया के सुपुर्द कर दिया। थाना प्रभारी दलपत सिंह चौहान ने बताया कि प्रात: जानकारी मिली थी तेजाजी डांडा सहरिया बस्ती में रहने वाले गोवर्धन सहरिया उम्र 55 वर्ष व उसकी पत्नी बादाम बाई सहरिया उम्र 50 वर्ष घर के आंगन में मृत पड़े हुए हैं। इसके बाद वे जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंच जानकारी जुटाई तो प्रथम दृष्टया यह मामला सामने आया कि घर के आंगन में बिजली का खम्भा लगा हुआ है। इससे घर के लिए लाइट ले रखी है। इसी खंम्भे से कपड़े सुखाने के लिए एक लोहे का तार भी बांध रखा है। मृत दम्पत्ती का बड़ा बेटा प्रेमराज सहरिया केलवाड़ा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव में मजदूरी करता हैए वह वही रहता है। छो...

थ्री नॉट थ्री से एके 47... आधुनिक संसाधनों से लैस हुई बारां की पुलिस फोर्स

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बारां. जिले की पुलिस भी बीते एक दशक में समय, अपराध एवं घटनाओं के अनुसार परिर्वतन करते हुए सशक्त बनी है। वहीं अपराधों के अनुसंधान के लिए भी नवीन तकनीकी व संसाधनों का उपयोग कर अपराधों के शीघ्र खुलासे व निस्तारण में मुकाम हासिल किया है। पहले पुलिस को अपराधियों से मुकाबले के लिए हथियार के रूप में थ्री नॉट थ्री रायफल मिली हुई थी। लेकिन समय के साथ परिर्वतन हुआ और अब पुलिस के पास एसलआर, इंसास, एके 47, एमपी 5 गन, ब्लॉक पिस्टल जैसे हथियारों से लैस हुई है। ताकि किसी भी हालात में अपराध का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। वहीं पुलिस को बूलैट प्रूफ जैकेट के साथ ही बूलैट प्रूफ हेलमेट भी उपलब्ध हुए हैं। पुलिस को संगठित अपराध या दंगा जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पम्प एक्शन गन, मिर्च ग्रेनेड आदि भी उपलब्ध हुए हैं। ये भीड़ को तितर बितर करने में काफी सहायक हैं। समय-समय पर मिलती है ट्रैंनिंग पुलिस को अपराध व अपराध बाद की स्थिति से निपटने के लिए समय-समय पर ट्रैंनिंग व कोर्स करवाएं जाते हैं। इससे पुलिस की कार्यकुशलता में इजाफा हुआ है। इसमें भीड़ पर नियन्त्रण कोर्स, हथियारों का उपयोग व प्रयोग तथा चांदमारी क...

प्री मानसून का असर : नदियों में पानी की आवक, चादर चली

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जलवाड़ा. कस्बे सहित क्षेत्रीय अंचल में मंगलवार को ढाई घंटे तक बारिश होने से नदियों में पानी की आवक बढ़ गई। कदीली, लाठखेड़ा, बालापुरा, किशनपुरा, बजरंगगढ़, खल्दा सहित अन्य गांवों में बारिश से उतावली नदी, बरनी नदी की पुलिया व सुखार नदी की रपट पर चादर चलने लगी। पार्वती नदी में भी पानी की आवक हुई है। जिले के कई स्थानों पर सोमवार रात को बदले मौसम के बाद बूंदाबांदी और बारिश होने से मंगलवार सुबह तक ठंडक बनी रही। इसके बाद में जैसे ही धूप निकली, गर्मी और उमस बढ़ गई। अधिकतम तापमान &9 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में आद्र्रता का प्रतिशत &7 रहा। इस दौरान हवा की अधिकतम गति &1 डिग्री मापी गई। शाम को जिले के गऊघाट और आसपास के गांवों में बारिश हुई है। इससे सड़कें गीली हो गई, लोगो को गर्मी से राहत मिली। सोमवार रात को आधा घंटा तेज हवा के साथ हुई से कई क'चे घरों के टीन-टप्पर उड़ गए। ------------------------------------------------ आंधी से टीन-टप्पर उड़े छबड़ा. कड़ैयाहाट में सोमवार रात आंधी व बारिश से दर्जनों मकानों के टीन-टप्पर उड़ गए। कई दीवारें ढह गई। मंगलवार को ग्...

जो साइकिल उसका जुनून थी, उसी की सवारी करते मौत ने दबोच लिया

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बारां. शहर की सीमा से होकर निकल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर रविवार सुबह एक साइक्लिस्ट को अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थ कि मृतक साइक्लिस्ट को अज्ञात वाहन के साथ सौ मीटर से भी अधिक दूरी तक घसीटते चला गया। जबकि उसकी साइकिल वहीं छूट गई थी, जहां उन्हें बड़े लोडिंग वाहन में अपनी चपेट में लिया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े चार बजे मनोज नागर (42) नियमित रूटीन के तहत साइकिल लेकर घर से निकला था। वह कोटा रोड से पुलिस लाइन रोड पहुंच राष्ट्रीय राजमार्ग पर चढ़ा था। हाई-वे पर मूंडली के बालाजी के निकट अज्ञात वाहन ने मनोज को टक्कर मार दी। इससे उसकी साइकिल वहीं छूट गई तथा वह अज्ञात वाहन के पहिए की चपेट में आकर लगभग सौ मीटर की दूरी तक घसीटता हुआ चला गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक दुघर्टना के बाद वाहन भगा ले गया। दुघर्टना के समय यह पूरा इलाका सुनसान था। जिससे शाम तक पुलिस को वाहन के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी। मृतक मूल रूप से कोटा जिले के बपावर थाना क्षेत्र के चरेल गांव का निवासी था। जो कई बरसों से यहां जैन क...

चिंता का विषय : कार्यवाहक के भरोसे कैसे होगी विशाल जंगल की निगरानी

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जलवाड़ा. नाहरगढ़ रेंज अतिक्रमण के लिहाज से संवेदनशील होने के बाद भी वन विभाग की उदासीनता का तो क्या कहने। वन भूमि लगातार अतिक्रमणों की भेंट चढ़ती जा रही है। इस रेंज के अंतर्गत पांच नाके हैं। इसमें जलवाड़ा,नाहरगढ़, ढिकोनिया, किशनपुरा व सिमलोद शामिल हैं। दो दशक पूर्व तक रेंज के नाके घने जंगलों के रूप में विख्यात थे। ...तब सुरक्षित थे जंगल सालों पहले यहां विभिन्न प्रजातियों के बेशकीमती सागवान, महुआ, धोकला, तेंदू, कोहड़ा, सीताफल सहित अन्य प्रजातियों के घने पेड़ थे। इसमें विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर रहते थे। ऐसे में तब यहां कोई अतिक्रमण करने के बारे में सोचता तक नहीं था। अब हर तरफ वनों का विनाश नजर आता है। लोगों ने वन भूमि पर बड़े-बड़े फार्म हाउस तक बना लिए हैं। इनपर नलकूपों सहित बिजली के कनेक्शन करवा लिए गए हैं। रेंज के पांच नाकों में एक दर्जन से अधिक बस्तियां बस गई हैं। यह बस्तियां आबादी में नहीं होने के बाद भी ग्राम पंचायत व सरकार की ओर से इन्हें हर सुविधा मिल रही है। बस्तियों में प्रधानमंत्री आवासों का बेरोकटोक निर्माण भी हो रहा है। नारगढ़ रेंज के अंतर्गत पांच नाके कार्यवाहक रेंजर...

इस वर्ष होगी धान की अधिक बुवाई, किसानों ने 585 क्विंटल बीज खरीदा

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केलवाड़ा. क्षेत्र के आसपास लगने वाली 10 पंचायतों में खरीफ फसल धान की जमकर बुवाई होगी। अगर बारिश अच्छी होती है तो यह क्षेत्र में मक्का, सोयाबीन के बाद धान प्रमुख फ़सल हो सकती है। केलवाड़ा के एग्रीकल्चर सुपरवाइजर सूरज प्रकाश मेहता ने बताया कि कस्बे के खाद, बीज विक्रेताओं से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अब तक धान का 585 ङ्क्षक्वटल प्रमाणित बीज किसानों ने खरीदा है। इस बीज की नर्सरी से लगभग 2000 हैक्टेयर में धान लगाई जाएगी। इसके अलावा किसान अपने स्तर पर स्वयं का बीज भी काम में लेंगे। धान की किस्मों में पूसा बासमती-5 किसानों की पहली पसंद है। इसके अतिरिक्त इस वर्ष पूसा 1692, पूसा 1509, पूसा1718 किस्मों की नर्सरी लगाई है। अभी कुछ किसान नर्सरी लगा चुके हैं, कुछ लगा रहे है। किसानों डीएसआर विधि (धान की सीधी बुबाई) के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इस विधि से धान की खेती करने पर पानी की बहुत बचत होती है और उत्पादन लागत भी कम आती है। सूरज मेहता ने बताया कि इस विधि से धान की खेती की तकनीकी जानकारी किसानों को दी जा रही है। इधर, प्याज-लहसुन की फसल घाटे का सौदा बोहत. क्षेत्र के गांव के लहसुन प्याज ...

क्राइम फाइल : जेबकतरों का आतंक, फिल्मी स्टाल में पीछा कर पकड़ा और रुपए वापस लिए

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कवाई. सालपुरा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक यवक की जेब काट ली गई। वह परिजनों को ट्रेन में बिठाकर आ रहा था। उसी समय जेबकट ने हाथ साफ कर दिया। मौके पर वहीं दूसरे युवक के आगाह कर देने से जेबकतरे को पकड़ कर उससे रुपए वापस लिए गए। कस्बेवासियों का कहना है कि ट्रेन के समय रेलवे स्टेशन पर जीआरपी का जवान भी मौजूद नहीं रहता। ऐसे में जेबकतरों के हौसले बुलंद हैं। जानकारी के अनुसार मनोज शर्मा ने बताया कि वह मंगलवार को कोटा-बीना मेमू ट्रेन में उसके परिजनों को छोडऩे गया था। तभी किसी ने ट्रेन में बैग रखते समय पीछे की जेब से 1660 रुपए निकाल लिए। उसी समय पीछे खड़े अन्य व्यक्ति ने बताया कि आपके रुपए चोरी हो गए हैं। इसके बाद जेबकतरे को हनुमान मन्दिर के सामने पकड़ा। चोर के साथ वहां उपस्थित कुछ युवाओं ने उसकी पिटाई कर दी। इस पर उसने रुपए वापस किए और भाग निकला। इसकी शिकायत रेलवे स्टेशन पर दर्ज करने गए तो स्टेशन मास्टर ने शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। लोगों का कहना है कि यहां के रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के समय जीआरपी का जवान तैनात किया जाना चाहिए। ----------------------------------- इ...

crime file : अतिक्रमण हटाने के तीन दिन बाद विवाद, एक गंभीर घायल

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कवाई. कस्बे में 3 दिन पहले ग्राम पंचायत द्वारा अंबेडकर कॉलोनी में हटाए अतिक्रमण को लेकर दो परिवारों में रंजिश हो गई। शुक्रवार सुबह एक पक्ष के 4 लोगों ने दूसरे पक्ष के एक जने को घायल कर दिया। पुलिस ने घायल का स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज करवा कर बारां रैफर किया है। पुलिस ने उक्त घटना के बाद आनन-फानन में एक महिला सहित 5-6 जनों को डिटेन कर लिया था। जानकारी के अनुसार अंबेडकर कॉलोनी में बरसाती नाला व रास्ते पर इंटरलॉङ्क्षकग कार्य प्रस्तावित है। यह अतिक्रमण के चलते अटका था। सोमवार को प्रशासन गांवों के संग शिविर में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सरपंच चंपालाल चंदेल की शिकायत पर मुख्य रास्ते एवं नाले की जगह पर बने 4 अवैध मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया था। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही अतिक्रमी एक दूसरे के मकान को ध्वस्त करवाने की बात कर रहे थे। अतिक्रमी ओंकार लाल प्रजापति एवं गंगाबाई बंजारा के बीच एक-दूसरे के मकानों के अतिक्रमण की शिकायत को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद नहीं किया, ऐसे में विवाद बढ़ता गया। शुक्रवार औंकारलाल प्रजापति पर कुछ लोगो ने ...