Posts

Showing posts from October, 2021

बारां रेलवे स्टेशन : टिकट खिड़ी पर ताला, गाडिय़ा भर रही फर्राटा

Image
बारां. कोविड-19 का वायरस फिलहाल सुस्त होने के साथ ही सरकारी तंत्र चुस्त हो गया तथा संक्रमण काल में अनलॉक की गई सरकारी व्यवस्थाओं और सुविधाओं के विस्तार में शिथिलता दी जा रही है। लम्बी दूरी की अधिकांश ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। कई रेलवे स्टेशनों पर तत्काल आरक्षण के लिए खिड़कियां खोल दी गई है, लेकिन बारां जिले के यात्रियों के साथ सौतेला सा बर्ताव किया जा रहा है। यहां से गुजरने वाली तीन प्रमुख नियमित यात्री गाडिय़ों को अब तक बंद किया हुआ है। इसके अलावा जनरल टिकट खिड़की पर भी ताला लटका है। ऐसे में लोगों को यात्रा शुरू करने से एक दिन पहले आरक्षण कराना पड़ रहा है तो इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रेलवे की ओर से यात्रियों की पीड़ा को अनदेखा किया जा रहा है। यात्रा शुरू व समाप्त करने में भी परेशानी रेलवे की ओर से कोरोनाकाल में बंद की गई ट्रेनों को अनलॉक के बाद अधिकांश ट्रेनों को स्पेशल के नाम से शुरू किया गया तो उनके ठहराव कम कर दिए गए। पहले कोटा-रूठियाई सेक्शन सभी प्रमुख स्टेशनों पर अधिकांश ट्रेनों का ठहराव रहता था, लेकिन स्पे...

जुगाड़ की 'पटरी' से शिक्षा की कठिन डगर

Image
मऊ. गांव की बाणगंगा नदी पर देवरे के समीप बनी रपट स्कूली बच्चों के लिए खतरे का सबब बनी हुई है। इसका खामियाजा मजरा शंकरा गांव के मासूम स्कूली बच्चे किसी भी दिन उठा सकते हैं। इस बस्ती के बच्चे रोजाना विद्यालय में पढऩे के लिए पंचायत मुख्यालय मऊ आते हैं। मासूम स्कूली बच्चों का नदी पर बनी इस क्षतिग्रस्त रपट से रोजाना सामना होता है। गांव के लोगों ने आवागमन के लिए रपट के पास ही बिजली के पोल रपट के क्षतिग्रस्त स्थान पर डाल रखे हैं। इनसे गुजर कर लोग और शंकरपुरा बस्ती के स्कूली बच्चे नदी पार कर पाते हैं। बिजली के खंभे पर चलते समय जरा सा पैर पिसलते ही नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। गांव के दिनेश शर्मा, अखराज नागर, रघुवीर गुर्जर आदि ने बताया कि बारिश के दौरान नदी में आई बाढ़ में रपट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने क्षतिग्रस्त रपट को दुरस्त नहीं किया। मऊ गांव के कई लोगों के खेत भी नदी के उस पार हैं तो किसानों को अपने खेतों पर आने-जाने में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन गांव के संग अभियान के दौरान गांव में आयोजित हुए शिविर में भी...

अरे वाह!... सुविधाएं बढ़ी तो खिंचे चले आए लोगों के कदम

Image
मऊ. लोगों की आस्था का केन्द्र मऊ बालाजी धाम अब पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। इस धार्मिक स्थल की प्राकृतिक सुन्दरता और नैसर्गिक स्वरूप से प्रभावित होकर लोग परिवार सहित इस स्थल पर सुबह और शाम की मॉर्निंग वॉक करने के लिए आने लगे हैं। कई परिवार जो मंहगे मैरिज हॉल का खर्चा उठाने में सक्षम नहीं हैं, वह भी अपने बच्चो की शादी-विवाह की रस्म पूरी करने के लिए भी इस धार्मिक स्थल पर परिवार सहित आने लगे हैं। इस धार्मिक स्थल पर ऐसे परिवारों के लिए वह सभी सुविधाएं उन्हें निशुल्क उपलब्ध हो जाती है। इस स्थल पर यात्रियों के लिए रहने के लिए दो धर्मशाला, एक सामुदायिक भवन, स्नान घर, भोजन शाला, विवाह एवं अन्य आयोजन के लिए लगभग 25-30 बीघा क्षेत्र का लंबा-चौड़ा खुला मैदान, गरमी में छाया के लिए सघन वृक्षावली एवं कई पेड़, बच्चंो को खेलने और मनोरंजन के लिए एक चिलड्रन गार्डन, एक कुआं, दो सरकारी हैंडपंप, पेयजल टंकी, वाटर कूलर, बैठने के लिए कई बैंचें, तालाब आदि सुविधाएं मौजूद है। इस धार्मिक स्थल की देखरेख के लिए मऊ गांव के लोगों की एक मऊ बालाजी सेवा समिति के नाम से एक संस्था बनी है। समिति के सदस्य इस धार्म...

जिले में अब कोरोना रोगियों को घर के नजदीक मिलेगा उपचार

Image
बारां. देश व प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढऩे के साथ ही जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करना शुरू कर दिया है। जिले में अब प्रतिदिन 1050 सिलेंडर प्रतिदिन ऑक्सीजन की उपलब्धता हो गई है। वहीं, अब जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर गंभीर रोगियों के उपचार के लिए 6-6 आईसीयू बेड की उपलब्धता को अन्तिम रूप दिया जा रहा है। जबकि बारां जिला चिकित्सालय में 26 आईसीयू बेड की उपलब्धता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिले में पूर्व में ही कोरोना संभावित लहर के दृष्टिगत उपचार के माकूल प्रबंध करने का कार्य शुरू कर दिया गया था। संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की खासी कमी से सबक लेते हुए जिले में आक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के विशेष प्रयास किए गए। जिसके फलस्वरूप जिले में वर्तमान में 1050 ऑक्सीन सिलेंडर का उत्पादन संभव हो गया है। अभी कुछ ओर प्लांट शुरू होने की प्रक्रिया में हैं। जिला चिकित्सालय में सेन्ट्रलाइज्ड ऑक्सीजन पाइप लाइन होने से आवश्यता होने पर सभी 300 बेड पर कोरोना रोगियों का उपचार किया जा सकता है। सभी सीएचसी प...

त्योहार आते ही यहां लडख़ड़ा जाती है यातायात व्यवस्था

Image
बारां. शहर में एक बार फिर त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। यहां-वहां बेतरतीब दुपहिया व चारपहिया खड़े होने लगे हंै। आगामी दिनों में बाजारों में चहल-पहल व खरीदारी बढऩे के साथ ही यातायात का और दबाव भी बढ़ेगा। इससे त्योहार के विशेष दिनों में यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए अभी से सख्ती बरतने की जरूरत है। शहर के कुछ प्रमुख मार्गो पर बाइकर्स स्टंट करते हुए फर्राटे भर रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक बाइकर्स अस्पताल रोड पर लहराते हुए बाइक दौड़ा रहे हैं। बाजार बंद होने के बाद तो इन बाइकर्स की आवाजाही काफी बढ़ जाती है। इससे भोजन के बाद सायंकालीन भ्रमण पर निकलने वाले आसपास की कॉलोनी के लोगों को दुर्घटना का डर सताने लगा है। इस मामले में पूर्व में व्यापार महासंघ की ओर से प्रमुख मार्गो पर गति नियन्त्रण की सख्ती से पालना कराने की मांग की थी, लेकिन कुछ दिन की चौकसी के बाद भूला दिया गया। टहलने में भी रहता है डर कृष्णा कॉलोनी निवासी व्यापारी मनोज बाठला ने बताया कि रात्रि के समय अस्पताल रोड पर तेज रफ्तार में लहराते हुए चलने वाले दुपहिया चालकों से...

मानसून ने बढ़ा रहा चने की खनक

Image
बारां. जिले में अब रबी की फसलों की बुवाई जोर पकडऩे लगी है। किसान दिनरात खेतों पर पड़ाव डाल सरसों समेत अन्य फसलों की बुवाई में जुटे हैं। बुधवार देर शाम तक जिले में 73483 हैक्टेयर भूमि में बुवाई हो गई थी। इनमें सर्वाधिक 61000 हैक्टेयर बुवाई सरसों की हुई है। अब यहां लहसुन के बाद किसान चने की बुवाई को भी प्रमुखता दे रहे हैं। इसका प्रमुख जिले में अतिवृष्टि के बाद खेत तैयार होने में समय लगने से सरसों की बुवाई का समय निकल गया। ऐसे में सरसों की बुवाई की तैयारियां कर बैठे किसान अब चने की बुवाई में जुटे हैं। जिले में इस वर्ष गत मानसून में अति व अनावृष्टि के कारण न तो खरीफ की प्रमुख फसल सोयाबीन का उत्पादन अच्छा रहा और न ही उड़द किसनों को संबल दे सके। ऐसे में किसानों की आस रबी की फसलों पर टिकी हुई है। मानसून के दौरान जिले के सिंचाई स्रोतों में पानी की अच्छी आवक होने से किसानों की उम्मीदें फल-फूल रही थी, लेकिन मानसून का दौर अक्टूबर माह तक जारी रहने से धरतीपुत्रों की यह उम्मीदें भी दम तोड़ गई। ऐसे में न चाहते हुए भी किसानों को चने की बुवाई करनी पड़ रही है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि नवम्बर मा...

सता रहा मच्छर... फैला रहा डेंगू और स्क्रब टायफस

Image
बारां. जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौसमी बीमारियों के रोकथाम व नियंत्रण को लेकर प्रयास तो किए जा रहे है, लेकिन कारगर नहीं हो रहे है। लगातार नए डेंगू मरीज सामने आते जा रहे है। वायरल, खांसी, जुकाम, बुखार के अलावा सबसे अधिक चिन्ता डेंगू व स्क्रबटायफस के बढ़ते असर को लेकर है। जिले में पिछले एक सप्ताह के दौरान ही डेंगू के 19 नए मरीज और पॉजिटिव मिले हैं। इससे अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या पिछले सप्ताह के 44 से बढ़कर 6 3 हो गई है। एक अक्टूबर तक डेंगू मरीजों की संख्या 17 ही थी। अक्टूबर के प्रथम पखवाड़े में हर रोज डेंगू का एक मरीज मिल रहा था। लेकिन पिछले सप्ताह के आंकड़ों के मुताबिक अब हर रोज औसतन डेंगू के दो नए मरीज मिल रहे हैं। अक्टूबर के बीते 26 दिनों में ही 46 मरीज मिले है। डेंगू के एडीज मच्छर के अलावा घास व झाडिय़ों में पनपने वाला पिस्सू लोगों को स्क्रबटायफस का मरीज बना रहा है। छीपाबड़ौद और छबड़ा में डेंगू के मामले ज्यादा जिले में यों तो सभी ब्लॉक क्षेत्र में डेंगू के मरीज मिल ने लगे है, लेकिन सबसे अधिक मरीज जिले के छीपाबड़ौद व छबड़ा कस्बे में मिल रहे हैं। अब त...

बारां में एक ऐसी पेयजल टंकी, जहां लोग करते हैं गांधीगिरी

Image
बारां. शहर में गोवंश की दुर्दशा का आरोप लगाते हुए बुधवार सुबह एक युवक पुरानी सिविल लाइन्स क्षेत्र स्थित जलदाय विभाग की टंकी (उच्च जलाशय) पर जा चढ़ा। इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस व नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने काफी देर तक समझाइश की। इससे करीब तीन घंटे बाद युवक नीचे उतर आया। यह युवक पूर्व में गोवंश की सुध लेने की मांग को लेकर कई अधिकारियों से मिला था तथा उसने समस्या का समाधान नहीं होने पर कठोर कदम उठाने की धमकी दे चुका था। सुबह करीब पौने सात बजे शहर की शंकर कॉलोनी निवासी युवक दीपांशु गेरा पेयजल टंकी पर जा चढ़ा। गेरा का आरोप था कि वह लम्बे समय से शहर में गोवंश की दुर्दशा को लेकर खासा आहत है। प्रदेश के गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया का गृह नगर होने के बावजूद यहां गोवंश संरक्षण के अभाव में असमय काल का ग्रास बन रहा है। लावारिस गोवंश की कोई सुध नहीं ले रहा। इसके लिए वह कई जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार भी लगा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसके चलते उसे जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए मजबूरन यह कदम पड़ा है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस ...

दो लेन की सड़क के लिए साफ किया 'रास्ता'

Image
केलवाड़ा. नेशनल हाई-वे 27 से लेकर सीताबाड़ी तक दो लेन रोड के निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का सिलसिला मंगलवार सुबह से शुरू हो गया। सड़क निर्माण में मध्य से 9-9 मीटर नाली सहित किया जाएगा। पुलिस लवाजमे के साथ सुबह से ही इलाके को अतिक्रमण से मुक्त किया गया। इसमें घरों की बाउंड्रीवॉल के साथ-साथ भवनों को भी जेसीबी की सहायता से ध्वस्त किया गया। अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलते ही कस्बे में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों से सामान बाहर निकालते नजर आए। पुलिस और प्रशासन मुस्तैद नजर आया। उपखंड अधिकारी राहुल मल्होत्रा और पुलिस उपाधीक्षक कजोड़ मल इस दौरान मौके पर ही डटे रहे। कार्रवाईके दौरान जगदीश शर्मा, थानसिंह प्रजापत, विक्की कुशवाहा, रामकिशन किराड़, पिक्कू आदि के मकान तोड़े गए हैं। रातभर होती रही चर्चा सोमवार शाम से ही लोगों अतिक्रमण हटाने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। लोग रातभर अपने-अपने घर मकानों के बारे में चर्चा करते रहे। कोई दूसरे की कोई किसी की दुकान अतिक्रमण की बात कहने लगा तो कोई अन्य किसी की मकान के बारे में बात करता रहा। पुलिस जवान की टुकड़ी के साथ चिकित्सा विभाग...

बारां जिले के किसानों को मिलेगा भूमि के हिसाब से आदान अनुदान

Image
बारां. राज्य सरकार ने सोमवार को अतिवृष्टि से प्रभावित प्रदेश के 7 जिलों के 3704 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। इनमें सबसे अधिक 1236 गांव बारां जिले के हैं। इन गांवों के सभी किसानों को 2 हैक्टेयर भूमि में खराबे का 13600 रुपए आदान अनुदान (मुआवजा) मिलेगा। यह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार की ओर से गत अगस्त माह के पहले सप्ताह में विशेष गिरदावरी करने के आदेश जारी किए थे। विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट के आधार पर खरीफ की फसलों में 33 प्रतिशत खराबे की प्रमाणिक जानकारी के बाद बारां समेत प्रदेश के सात जिलों के 3704 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। बारां जिले में कुल 1253 राजस्व गांव हैं, लेकिन इनमें 17 गांवों में कृषि भूमि नहीं है, शेष 1236 गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। अब इन गांवों के किसानों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत आदान अनुदान दिया जाएगा। खास बात यह है कि इसका लाभ सभी किसानों को मिलेगा। आपदा प्रबंधन विभाग के तय प्रावधानों के तहत आदान अनुदान अधिकतम दो हैक्टेयर कृषि भूमि पर ही देय होगा। पटवारियों को दिए सर्वे के निर्देश प्रशासनिक सूत्रों ने...

बारां जिले के देवरी में ऐसा क्या हुआ कि गांव हुए खाली, घरों पर लटके ताले

Image
देवरी. शाहाबाद के तलहटी में हुई अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलें चौपट हो गई। कई खेत भी पूरी तरह से बंजर बन गए। जिसके चलते क्षेत्र के लोगों को रोजगार सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। क्षेत्र के आदिवासी सहरिया लोगों को आस-पास के गांवो में भी रोजगार नहीं मिल रहा है। पहले खरीफ की फसल की कटाई, थ्रेसिंग सहित अन्य कामों में कुछ मात्रा में रोजगार मिल जाता था, लेकिन क्षेत्र की फसलें तबाह होने के कारण अब लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार नही मिल रहा है। मटियाखारा, चोराखाड़ी, हरिनगर, पठारी गांवो में मनरेगा बन्द है। इस कारण लोगो को रोजगार नही मिल रहा था। रोजगार नही मिलने से लोग पलायन कर गए और अन्य गांवो के लोग भी पलायन कर रहे हंै। गांव के गांव खाली हो रहे हंै। हरिनगर में मात्र 40-50 लोग बचे हैं। जबकि इस गांव में करीब 400 के करीब लोग है। यह गांव सहरिया बाहुल्य है। घरों पर लटक रहे ताले मध्यप्रदेश सीमा पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नही है। इन गांवों में रोजगार का अभाव रहता है। जिसके चलते लोग अपने घरों पर ताले लगाकर पूरे परिवार के साथ अन्य राज्यों के लिए पलायन कर गए हैं। क्षेत्र की सभी सहरिया बस्तियों म...

रोजगार की आस में जुटेंगे 19488 अभ्यर्थी, देंगे ज्ञान का इम्तिहान

Image
बारां. जिले में पटवारी भर्ती परीक्षा शान्तिपूर्ण व व्यवस्थित रूप से कराने की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। परीक्षा शनिवार व रविवार को दो-दो पारियों में होगी। इसके लिए बारां जिला मुख्यालय पर 19 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए चार फ्लाइंग स्क्वॉड व पुलिस बल तैनात रहेगा। जिला पुलिस उपलब्धता के आधार पर परीक्षा केन्द्रों पर मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की जांच करेगी। परीक्षा नियन्त्रण कक्ष के अनुसार जिले में परीक्षा को निर्विघ्न सम्पन्न कराने के लिए परीक्षार्थियों के आने व जाने की राज्य सरकार की ओर से नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए रोडवेज के बारां डिपो की 59 बसों के अलावा फिलहाल 20 निजी बसों को अधिग्रहीत किया गया है। दो दिन, चार पारियां पटवारी भर्ती शनिवार व रविवार को दो-दो पारियों में होगी। पहली पारी में सुबह 8.30 से 11.30 व दोपहर 2.30 से 5.30 बजे तक परीक्षा का आयोजन होगा। ऐसे में जिला मुख्यालय पर अधिक गहमा-गहमी नहीं रहेगी, लेकिन एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन व पुलिस की ओर से माकूल इंतजाम किए गए हैं। चार दल करेंगे निरीक्षण परीक्षा में नक...

मेजबान बारां की मुट्ठी रही खाली, हनुमानगढ़ की जीत पर ठोकी ताली

Image
बारां. अन्नपूर्णा बारां नगरी में शुक्रवार को फुटबॉल का 'जादूÓ लम्बे अन्तराल बाद फिर देखने को मिला। श्रीराम स्टेडियम में मोहनलाल गोयल व भैरूलाल गुर्जर की स्मृति में जिला फुटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे खेलप्रेमियों का उत्साह परवान पर रहा। खेल के उतार-चढ़ाव के दौरान दर्शक दम साधे रहे। मैच के पहले 50 मिनट तक मेजबान बारां व हनुमानगढ़ में दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर आक्रमण तो खूब किए, लेकिन दोनों ही टीमों के खिलाड़ी इन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे। मैच के दूसरे हॉफ में शुरुआत के बाद पाचवें मिनट में हनमानगढ़ के इमरान ने पहला गोल दाग टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद बारां की टीम ने कई हमले किए, लेकिन हनुमानगढ़ के खिलाडिय़ों ने उन्हें नाकाम कर दिया। पैंतीसवे मिनट में इमरान ने एक बार फिर प्रतिद्वंदी टीम के खिलाडिय़ों को छकाते हुए अपना दूसरा गोल दाग विजयी बढ़त बनाई, जो मैच की समाप्ति तक बरकरार रही। प्रतियोगिता का बेस्ट खिलाड़ी बारां टीम के प्रेम को चुना गया। दर्शकों ने जमकर बढ़ाया उत्साह मैच की शुरुआत से ह...

गलत तथ्य बताकर लगाई विवि को चपत!

Image
बारां. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू)को आर्थिक चपत लगाने के मामले में विवि के एमपीडी विभाग के तत्कालीन निदेशक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी एमपीडी विभाग का तत्कालीन निदेशक करीब पांच साल पहले रिटायर हो गया था। एक अन्य आरोपी विवि के तत्कालीन वित्त नियंत्रक सुरेश चंद की तलाश जारी है। वह भी सेवानिवृत्त हो चुका है। प्रकरण के अनुसंधान अधिकारी ब्यूरो के बारां चौकी प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत ने बताया कि परिवादी प्रफुल्ल गोयल, प्रोपराईटर प्रज्ञा पब्लिकेशन्स, प्राईवेट लिमिटेड मथुरा, यूपी की ओर से शिकायत की गई थी कि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा 2016 -17 में पाठ्य पुस्तक सामग्री छपाई के लिए निविदा जारी की गई थी। निविदा शर्तो के मुताबिक फर्म का टर्नओवर 12 करोड़ रुपए तथा छपाई में लिए गए कागज की साइज 23 गुणा 36 /8 इंंच मय 6 0 जीएसएम पेपर के तथा 18 0 जीएसएम पेपर के मय कवर एवं परफैक्ट बाइंडिंग के साथ होना च...

बारां का पायलट प्रोजेक्ट साफ करेगा प्रदेश में रोडवेज सीएनजी बसों की राह

Image
बारां. सीएनजी बसों को राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल करने के लिए करीब चार माह पहले शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट का परिणाम जल्दी ही सामने आने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट के तहत सीएनजी बसों के परिचालन को लेकर बारां डिपो में किए जा रहे ट्रायल की अवधि पूरी होने जा रही है। ट्रायल के दौरान रोडवेज प्रशासन की ओर से को विभिन्न तरह की समस्याओं को चिह्नित किया गया है। अब इन समस्याओं व परिचालन व्यवस्था को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट को रोडवेज मुख्यालय भेजा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर रोडवेज मुख्यालय की ओर से निर्णय किया जाएगा। सीएनजी पम्प से दूरी पड़ रही भारी सीएनजी से बसों को रोडवेज के बेडे में शामिल करने में रोडवेज डिपो से सीएनजी पम्प की दूरी भी सबसे बड़ी बाधा बन सकते है। बीच रास्ते में गैस समाप्त होने पर बस को जुगाड़ कर किसी तरह सीएनजी पम्प तक ले जाना होगा। हालांकि इस समस्या के निस्तारण के लिए गैस खपत के ऐवरेज के मुताबिक ही परिचालन किया जाएगा, लेकिन पम्प पर गैस भराव करते समय प्रेशर मेंटेन नहीं रखा गया तो गैस कम भरेगी। इससे बीच रास्ते में बस खड़ी होने की समस्या की ...

वातावरण अनुकूल मिला तो आबाद होने लगी प्रवासी परिंदों की बस्ती

Image
बारां. जिले के सीसवाली रोड स्थित विजयपुर गांव के तालाब में पेंटेड स्टार्क प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट फिर से गंूजने लगी है। पिछले 2 सालों से पंचायत द्वारा तालाब में मछली का ठेका देने के कारण इन प्रवासी पक्षियों की कई वर्षों से चली आ रही बस्ती उजड़ गई थी। जिससे पर्यावरण व पक्षी प्रेमियों को भी निराशा हो रही थी। इस वर्ष तालाब में पर्याप्त भोजन उपलब्ध होने के चलते प्रवासी पक्षियों ने वापस घोंसले बनाना शुरू कर दिया है। यह पक्षी यहीं रह कर प्रजनन भी करते हैं। तालाब में अब पेड़ भी कम रह गए हैं। इसके चलते घोंसले बनाने में भी पक्षियों को परेशानी हो रही है। एक पेड़ के ठूंठ के ऊपर 4-5 घोंसले बनाने का पक्षियों ने प्रयास किया है। वहीं इन परिंदों ने अन्य पेड़ों पर भी घोंसले बना रखे हैं। इनकी चहचहाट लुभाती है। उल्लेखनीय है कि हर साल सर्दियों की शुरुआत में समूचे उत्तर भारत में पश्चिम एशिया, साइबेरिया और योरप से बड़ी संख्या में परिंदे प्रवास करते हैं। source https://www.patrika.com/baran-news/migrant-birds-started-getting-populated-7125870/

जंगल में माफिया कर रहे 'मंगल', सैंकड़ों हरे पेड़ों की हो रही कटाई

Image
किशनगंज. नाहरगढ रेंज क्षेत्र में सिगरी वन इलाके के जंगलों में रोजाना तेजी के साथ जंगलों की कटाई की जा रही है। इससे जंगल में हरे-भरे पौधों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। पेड़ों की कटाई के कारण वन परिक्षेत्र कम होता जा रहा है। 15 साल पहले जंगल हरे-भरे हुआ करते थे, लेकिन इसमें आज कमी आ चुकी है। नाका कार्याल्य से महज आधा किलोमीटर दूरा नीमखेड़ा में सेकड़ों पेडों को काटकर लकडिय़ों के ढेर लगा रखे है। कुछ जगह अतिक्रमण की नीयत से पेड काटे जा रहे है तो कुछ जगह लकडी माफिया की बुरी नजर जंगलों पर है। जंगलों से हो रही पेड़ों की अवैध कटाई की जानकारी वन विभाग को ही नहीं है। जंगल की कटाई पर वन विभाग रोक लगाने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। जन्मझिरी के चरवाहों ने बताया कि जंगल मे लकडिय़ों के ढेर लगे हैं। लोग ट्रैक्टर ट्रॉलियों से लकडिय़ों को ले जा रहे हैं। बेरोक-टोक कटाई के चलते लकड़ी माफिया जंगलों में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। पेड़ों के अलावा वन क्षेत्र में पत्थर बजरी व मुरम खनन का काम भी किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो वन विभाग के संरक्षण में लकड़ी माफिया, खनन माफिया व अतिक्रमी पनप ...

चालक ही निकला चोर, महज 12 घंटे में पकड़ा गया

Image
बारां. सदर थाना पुलिस ने शुक्रवार को चोरी गया ट्रैक्टर महज 12 घंटे में बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी शातिर हैं तथा उसके खिलाफ प्रदेश के कई थानों में चोरी के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांढ पर लिया है। उससे चोरी की अन्य वारदातें भी खुलने की उम्मीद है। सदर थाना प्रभारी रमेश कुमार मीणा ने बताया कि थाना क्षेत्र के तेजगढ़ गांव से विरेन्द्र नागर ट्रैक्टर घर के बाहर खड़ा हुआ था। जिसे अज्ञात चोर चुरा ले गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक गिरिराज शर्मा को सौंपी थी। शर्मा ने मुखबिरों को सक्रिय के साथ ही पुलिस के तकनीकी सेल की मदद से जांच को गति दी। उन्होंने पुलिस टीम के साथ मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र पहुंच चोरी गया ट्रैक्टर बरामद कर आरोपी सोनू खाती निवासी मोतीपुरा अटरू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। आरोपी सोनू जिस ट्रैक्टर को चला रहा था, उसे ही चुरा ले गया था। वारदात ...

लगातार दूसरे साल इस बार भी सूनी रहेंगी 'लंका की गलियां

Image
नहीं होगा रावण दहन का सार्वजनिक कार्यक्रम बारां. कोरोना महामारी के दौर के चलते इस वर्ष भी शहर में रावण दहन का सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। इससे लंका कॉलोनी की गलियां सूनी रहेंगी। यहां रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। इससे कॉलोनी की सभी गलियों में दोपहर से ही चहल-पहल रहती थी। कोरोना ने इस परम्परा को थाम दिया था, इस साल भी दहन कार्यक्रम नहीं होगा। रावण दहन शुक्रवार को होगा, इसी दिन विजयादशमी पर्व मनाया जाएगा। शहर मेंं विजयादशमी पर्व पर रावण की परम्परा काफी पुरानी है। तब नगरपालिका ने रावण दहन के लिए लंका कॉलोनी में रेलवे पटरी की ओर के बड़े भू-भाग को दहन स्थल के रूप में विकसित किया था। तब से रावण व उसके परिवार के अन्य सदस्यों का दहन यही किया जाता है। दहन की सभी व्यवस्थाएं नगर परिषद की ओर से की जाती है। राम की सवारियां निकालने की जिम्मेदारी सार्वजनिक समारोह समिति व श्रीमहावीर कला मंडल को एक-एक वर्ष के अंतराल में दी जाती थी। यह संस्थाएं रावण परिवार के पुतलों के निर्माण सात दिन पहले ही शुरू कर देती थी, लेकिन सरकार की कोरोना गाइड लाइन के चलते सार्वजनिक समारोह आयोजित न...

तीन लाख के नकली नोट थमा ले गए 90 हजार रुपए

Image
बारां. कोटा रोड स्थित एसबीआई शाखा के बाहर से बुधवार को अज्ञात शातिर फल सब्जी मंडी व्यापारी के मुनीम को कागज के नोट थमा कर 90 हजार रुपए ले गए। कोतवाली पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी, लेकिन रात तक शातिरों का सुराग नहीं मिला। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है। वहीं, मुनीम भी बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करता रहा। पहले उसने अज्ञात शातिरों द्वारा नोट का बैग पार कर ले जाने का आरोप लगाया था। कोतवाली प्रभारी मांगेलाल यादव ने बताया कि फल थोक फल सब्जी मंडी व्यापारी प्रेमनाथ अरोड़ा का मुनीम रामस्वरूप नागर बुधवार दोपहर दुकान से स्कूटर लेकर बैंक में 90 हजार रुपए जमा कराने गया था। मुनीम ने कहा कि नोट से भरा बैग स्कूटर की डिग्गी से निकालकर सीट पर रख दिया तथा खुद डिग्गी बंद करने लगा। इसी बीच अज्ञात शातिर बैंक से बाहर आया तथा नोट से भरा बैग ले गया। पुलिस ने गहनता से पूछताछ की। इस दौरान रुपए छीनने का मामला झूठा पाया गया। रात 8 बजे पुलिस को मुनीम रामस्वरूप नागर ने बताया कि वह ठगी का शिकार हुआ है। उसे बैंक के बाहर तीन व्यक्ति मिले। जिन्होंने उससे कहा कि हमारे 3 लाख रुपए बैंक में जमा नहीं ...

नाराज हुई तो किले की दीवार फाड़ पार्वती के तट पर हुईं प्रकट

Image
छबड़ा. राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की सीमा पर गुगोर स्थित मां बीजासन मंदिर, जहां बीजासन माता विराजती हैं। नवरात्र पर इन दिनों लोग यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों में यह मान्यता है कि मां बीजासन माता पहले गुगोर स्थित किले में विराजती थी। किले में आज भी इनका मंदिर हैं, जो वीरान और खाली है। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्राचीन समय में मां बीजासन माता यहां से नाराज होकर चमत्कारिक रूप से किले की दीवार को फाड़ती हुई पार्वती नदी के तट पर प्रकट हुई। श्रद्धालुओं ने जन सहयोग से यहां माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर मंदिर निर्माण कराया। तब से ही यहां राजस्थान ही नहीं मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु भक्ति भाव से मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष पार्वती नदी की पुलिया पर पानी होने की वजह से मध्यप्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मां बिजासन में इनकी आस्था इतनी है कि यह लोग पार्वती नदी को ट्यूब में बैठकर पारकर माता के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। सरपंच राजेंद्र सिंह खारोल ने बताया कि वह चाहते हैं कि एक...

अब तो खोलो मुट्ठी सरकार, किसान कब से कर रहे इंतजार

Image
रबी की बुवाई के साथ त्योहारी खर्च की दोहरी मार,-मुआवजे व मदद पर टिकी है धरतीपुत्रों की आस, कब मिलेगा किसानों को फसल खराबे का मुआवजा बारां. जिले में खरीफ की फसलों में खराबा हुए लगभग दो माह होने को है, अब किसान सरसों समेत रबी की अन्य फसलों की तैयारियां में जुटे हैं, लेकिन अब तक खराबे का मुआवजा नहीं मिलने से उनके चेहरे मुरझाए हुए हैं। हालांकि सरककार ने बीमीत किसानों के खराबे की अधिसूचना जारी कर दी, लेकिन किसानों को बीमा क्लेम के लिए इंतजार करना पड़ेगा। बीमा क्लेम भी दो हिस्सों में मिल सकेगा। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार बीमा कम्पनी ने जो सूची जारी की है, उसके अनुसार खरीफ में 1, 22, 000 हैक्टेयर की फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार 64000 किसानों ने प्रीमियम जमा कराया था। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले की आठों उपखंडों में राज्य सरकार ने खरीफ की सोयाबीन, उड़द व मक्का में 50 प्रतिशत से अधिक खराबा मानते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। जबकि बीमा कम्पनी की ओर से लगभग 64 हजार किसानों की 1, 22, 000 हैक्टेयर भूमि में फसल खराबा मान लिया है। हालांकि खरीफ में जिले में 3.30 लाख है...

अब साकार होगा निशुल्क शिक्षा का 'सपना'

Image
बारां. कोरानाकाल में बंद हुए छोटे बच्चों के सरकारी व गैर सरकारी स्कूल खोलने के बाद सरकार को गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला देने की याद आ गई है। सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग की ओर से निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत महंगे बड़े निजी स्कूलों में जरूरतमंद गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा बीकानेर की ओर से 8 अक्टूबर को संशोधित टाइम फ्रेम जारी किया गया है। इसके तहत 11 अक्टूबर से आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू किए जाएंगे। दुर्बल वर्ग व असुविधाग्रस्त समूह के अभिभावकों को इस योजना से खासी राहत मिलेगी, लेकिन प्रक्रिया शुरू करने में देरी हो गई है। वर्तमान में जिले के 566 निजी स्कूल संचालित हैं। इनमें कक्षा एक से 5वीं तक की कक्षाएं शुरू हो चुकी हंै। पिछडऩे से बचने के लिए लगाना होगा जोर आरटीई के तहत 11 अक्टूबर से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन सामान्य स्थिति में प्रक्रिया पूर्ण होने में करीब दो माह का समय लगेगा। विभाग की ओर से जारी किए गए टाइम फ्रेम के तहत ...

चार साल बाद बारां शहर में घर-घर पहुंचेगा 'अमृत'

Image
बारां. जलदाय विभाग की ओर से अमृत योजना के तहत पेयजल टंकियों का निर्माण हुए काफी समय हो गया, लेकिन बजट का टोटा व वितरण लाइन बिछाने में देरी के चलते 12 में से 11 टंकियां तो शो-पीस बनी हुई है। अब कुछ टंकियों में पानी भराव कर टेस्टिंग की जा रही है तो कुछ इलाकों में लाइनों से जुड़ाव किए जाने में देरी हो रही है। रकार की ओर से वर्ष 2015-16 में स्वीकृत इस योजना के तहत वर्ष 2017 में काम शुरू किया गया था। चार वर्ष बाद भी योजना अधूरी है। एक इंटेकवैल, दो में से एक पम्पहाउस अधूरा है तथा कई किमी क्षेत्र में लाइनों के बिछाने, मिलान करने आदि कार्य शेष हंै। फिलहाल मजरावता में प्रस्तावित इंटेकवैल भी अधूरा पड़ा होने से हीकड़ स्थित इनटेकवैल से ही काम चलाना पड़ रहा है। इससे पाठेड़ा फिल्टर प्लांट का ही उपयोग हो रहा है। अटरू रोड स्थित पुराने फिल्टर की मजरावता इंटेकवैल शुरू होने के बाद जरूरत होगी। मिलेगी राहत शहर में कॉलेज के पीछे 8 लाख लीटर क्षमता की टंकी तथा एक पम्पहाउस का निर्माण कराया गया है। टंकी की टेस्टिंग की जा रही है। कॉलेज के आसपास के कुछ इलाको में ही इससे जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन धीरे-धीर...

सोयाबीन ने उखाड़ी सांस, सरसों से टूटने लगी आस

Image
बारां. मौसम ने इस वर्ष खरीफ की फसलों में तो खराबा किया ही, रबी की फसलों की बुवाई का गणित भी गड़बड़ा दिया। दिन बीतने के साथ ही सरसों की बुवाई का समय निकला जा रहा। ऐसे में किसान इस साल फिर चने की बुवाई के लिए विवश हो सकते हैं, लेकिन इनदिनों तो बाजार में डीएपी खाद की कमी से धरतीपुत्रों का दम फूला हुआ है। इस माह में अब तक जिले में महज 6500 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता बताई जा रही है, जबकि हालात उल्ट हैं। उर्वरक विक्रेताओं के यहां यह स्टाक रीत चुका है। इससे अब नई खेप की बेसब्री से प्रतीक्षा हो रही है। राज्य सरकार ने डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) का उपयोग बढ़ाने के निर्देश जारी किए है। कृषि अधिकारी किसानों को इसके लिए समझाइश में जुटे हैं। 3.36 लाख हैक्टेयर में होगी बुवाई कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार इस वर्ष रबी की फसलों की बुवाई के लिए 3.36 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल निधा्ररित किया गया है। किसान सरसों की मांग के साथ बढ़े भाव को देखते हुए इसकी बुवाई के लिए उतावले हैं, लेकिन इसकी बुवाई का आदर्श समय 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक है। वर्तमान में 90 फीसदी खेतों में सोयाबी...

तामपान बढऩे के साथ बढ़ी उमस, लोग परेशान

Image
बारां. बारिश का दौर थमने के बाद अब अचानक बढ़ी गर्मी व उमस से लोग बेहाल हो रहे हैं। उमस से बचाव के लिए लोगों ने कूलर व एसी चलाना शुरू कर दिए है। मौसम के इस बदलाव से लोगों में एक बार फिर बारिश शुरू होने के आसार बलवती हो उठी है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिनभर बादल छाए रहने से हवा भी चली। इससे लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई। इस दौरान कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद रहने से लोग पसीना-पसीना होते रहे। मौसम में फिर हुए बदलाव से बदहवास लोगों का कहना है कि पूर्व के बरसों में अक्टूबर माह में गुनगुनी सर्दी का अहसास होने लग जाता था, लेकिन इस साल मानसून के विलम्ब से सक्रिय होने तथा बार-बार कई कारणों से कम दबाव के हालात बनने से मौसम की गाड़ी पटरी पर नहीं आ रही। हाल यह है के पूर्व के वर्षों अक्टूबर माह के दूसरे पखवाड़े में रबी की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई का दौर पूरा हो जाता था, लेकिन इस साल अब तक अधिकांश खेत सोयाबीन से खाली नहीं हुए। किसानों ने सोयाबीन काटने के बाद उसे सूखने के लिए खेतों में फैलाया हुआ है। इतना ही नहीं खेतों की नमी नहीं सू...

घर-घर गूंजे, माता के जयकारे

Image
बारां. जिले में बुधवार को नवरात्र स्थापना पर्व पर खासी श्रद्धा व उल्लास रहा। मंदिरों पर विधि-विधान व मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। कई मंदिरों पर अखंड रामायण पाठ शुरू हो गए। दुर्गा माता के मंदिरों को खास तौर पर सजाया गया। लोगों ने कोरोना संक्रमण का दौर होने से घरों में घट स्थापना की। इसके साथ ही शारदीय नवरात्र अनुष्ठान शुरू हो गए, जो लगातार आठ दिन तक चलेंगे। इस वर्ष एक तिथि के क्षय से आठ दिन के ही नवरात्र होंगे। जिले में अन्ता क्षेत्र के सोरसन माताजी मंदिर, शाहाबाद की नगरकोट माताजी मंदिर समेत देवी के अन्य मंदिरों पर सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धालुओं ने माता की पूजा के साथ दर्शन लाभ प्राप्त किया। शहर के सिद्धपीठ बरडिय़ा बालाजी धाम, ताड़के बालाजी, बड़ वाले बालाजी, सदर बाजार बालाजी मंदिर के अलावा अस्पताल रोड स्थित कंकाली माता मंदिर, नगरपालिका कॉलोनी स्थित चौथमाता मंदिर पर शुभ मुहूर्त में अखंड रामायण पाठ शुरू हो गए। इन सभी मंदिरों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, कई लोगों ने घरों में घट स्थापना कर नवरात्र अनुष्ठान शुरू किए। मांगरोल रोड स्थित बड...

श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र नगरकोट माता का दरबार

Image
शाहाबाद. कस्बे के पूर्वी क्षेत्र छोर पर घाटी के ऊपर स्थित नगरकोट माताजी का मंदिर शाहाबाद क्षेत्र ही नहीं बल्कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जहां आम दिनों में ही भक्तों की भारी भीड़ दर्शनों के लिए उमड़ती है तो नवरात्रा में यह भीड़ काफी बढ़ जाती है। सुबह-शाम मंगला आरती के समय मंदिर प्रांगण भक्तों से भरा रहता है। पिछले 2 वर्षों से कोरोना महामारी के चलते श्रद्दालु ओं की संख्या में कमी आई है, लेकिन इस बार हालात सामान्य होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। यहां हर वर्ष चैत्र नवरात्रि में मेला लगता है जिसमें अखाड़ों द्वारा निशान चढ़ाए जाते हैं और मेले में दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं मंदिर का निर्माण 1521 ईस्वी में ब्राह्मण राजा मुकुट मणि देव द्वारा कराया गया था। इसके साथ किले की नींव रखी गई थी। प्राचीन मंदिर के स्थान पर 2003 में नवीन मंदिर का निर्माण करवाया गया। चारों और पहाडिय़ों से घिरा होने के कारण यह प्राकृतिक रूप से भी काफी सुंदर है और ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं विशेष रूप से जिन लोगों को संतान...

बासमती की खुशबू से महके मंडी के गलियारे

Image
बारां. स्थानीय कृषि उपज मंडी में मंगलवार को नई धान ने दस्तक दे दी। मांगरोल क्षेत्र से बिक्री के लिए लाई गई धान 2351 रुपए प्रतिक्विंटल के भाव से बिकी। पहली नई खेप में करीब ५० बोरी धान की आवक हुई। मांगरोल के काशीपुरा गांव के किसान सुरेश कुमार मीणा द्वारा लाई गई इस धान की बुवाई करीब 3 माह पूर्व की गई थी। 1509 किस्म की बासमती श्रेणी की इस धान की पैदावार भी अच्छी निकली है। करीब ढाई बीघा में 45 से 50 बोरी धान की पैदावार हुई है। मंडी में मैसर्स लक्ष्मी देव कम्पनी की आढ़त में आई इस धान की खरीदी मैसर्स नाथूलाल अशोक कुमार अग्रवाल द्वारा की गई। नीलामी के दौरान व्यापारी सतीश ठाकुरिया, विजय कुमार जालान, चेतन जैन, प्रमोद बंसल व नंदकिशोर राठी ने बताया कि इस समय धान में करीब 8 से 10 प्रतिशत की नमी है। वहीं, मंडी में इन दिनों 300 से 400 बोरी पुरानी धान की प्रतिदिन आवक हो रही है। जो कि मंगलवार को अधिकतम 26०० रुपए प्रति क्विंटल के भाव तक बिकी। लक्ष्य के मुकाबले बुवाई हुई कम कृषि विभाग के उपनिदेशक अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में 24000 हैक्टर बुवाई का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन मानसून देर से सक्रि...

यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की 'परीक्षा'

Image
किशनगंज. तेजाजी डांडा क्षेत्र में जगंल से सटे इलाके में स्थित स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल तक पक्का रास्ता नहीं होना बच्चों के लिए अभिशाप है। बरसात के समय हर दिन इन्हें स्कूल आतेे-जाते बहते दरिया को पार करने की परीक्षा देनी होती है। अबतक तो सब खैरियत रही है, लेकिन ऐसे कहां तक बच्चे दरिया पार कर स्कूल जाने की परीक्षा देंगे। सवाल जनप्रतिनिधियों पर भी है। जब करोड़ों की लागत से मॉडल शिक्षा देने के उद्धेश्य से भवन का निर्माण सपनों के महल जैसा करवाया गया तो सड़क का ख्वाब क्यों अधूरा है। जानकारी के अनुसार वनविभाग द्वारा सड़क निर्माण मे रोड़ा अटकाने के चलते इसमें देरी हो रही है। तो क्या इस मसले को जनप्रतिनिधि अपनी सरकार के सामने नहीं रख सकते हैं । आखिर कब तक बच्चे पक्की सड़क के लिए तरसेंगे। कोरोनाकाल के बाद से ही अभिभावको का रूख सरकारी स्कूलों की ओर ज्यादा हुआ है। मॉडल स्कूल अंग्रेजी माध्यम का होने से इस ओर अभिभावकों की रुचि अधिक है। शनिवार को हुई तेज बारिश के दोरान विद्यालय छुट्टी होने के बाद सभी बच्चों को बरसात में विकराल रूप लेने वाले दरिया का सामना करना पड़ा। दरिया अधिक होने से क...