नाराज हुई तो किले की दीवार फाड़ पार्वती के तट पर हुईं प्रकट

छबड़ा. राजस्थान एवं मध्यप्रदेश की सीमा पर गुगोर स्थित मां बीजासन मंदिर, जहां बीजासन माता विराजती हैं। नवरात्र पर इन दिनों लोग यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों में यह मान्यता है कि मां बीजासन माता पहले गुगोर स्थित किले में विराजती थी। किले में आज भी इनका मंदिर हैं, जो वीरान और खाली है। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्राचीन समय में मां बीजासन माता यहां से नाराज होकर चमत्कारिक रूप से किले की दीवार को फाड़ती हुई पार्वती नदी के तट पर प्रकट हुई। श्रद्धालुओं ने जन सहयोग से यहां माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर मंदिर निर्माण कराया। तब से ही यहां राजस्थान ही नहीं मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालु भक्ति भाव से मां के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। इस वर्ष पार्वती नदी की पुलिया पर पानी होने की वजह से मध्यप्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मां बिजासन में इनकी आस्था इतनी है कि यह लोग पार्वती नदी को ट्यूब में बैठकर पारकर माता के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। सरपंच राजेंद्र सिंह खारोल ने बताया कि वह चाहते हैं कि एक बार फिर यहां पर माता का विशाल मंदिर का निर्माण हो, इसके लिए वे प्रयासरत हैं।



source https://www.patrika.com/baran-news/when-godess-bijasan-become-engry-come-out-from-fort-wall-7119059/

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