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Showing posts from August, 2022

राजस्थान में यहां 70 दिन से बंद है हाईवे 72, कई गांवों के रास्ते कटे

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बारां। जलवाड़ा कस्बे सहित क्षेत्र व मध्यप्रदेश में हो रही बारिश से पार्वती नदी की पुलिया पर पानी रहने से स्टेट हाईवे ढाई माह से बाधित है। इसके कारण दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जून के मध्य से बारिश होने करण पार्वती नदी में पानी की आवक होने के कारण देंगनी पुलिया पर चादर चल रही है। इससे स्टेट हाईवे 72 बराना मार्ग 70 दिन से बाधित है। इस कारण खल्दा, कुंडी, बमोरी, बालापुरा, किशनपुरा, अहमदा, अहमदी, कदीली, रामबिलास, छत्रगंज, खल्दी, हरिपुरा, मालोटी, लाटखेड़ा, पीतामपुरा, रामपुरा, नेहरूपुरा सहित अन्य गांवों के लोगो को आने-जाने में परेशानी हो रही है। अटरू उपखण्ड के अरनिया, देंगनी, बहादुरगंज, मंडल बिसोती, पिपलोद, मोतीपुरा, बागली, रहलाई गांव में स्टेट हाईवे 72 का मार्ग शॉर्टकट होने के कारण लोग इसी मार्ग से जाते थे। इस मार्ग पर उक्त गांवों में जाने के लिए मात्र 6 से 10 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब लोगो को किशनगंज व बारां होते हुए जाना पड़ रहा है। इसमें लोगों को 60 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। अभी भी पुलिया पर दो फीट है। लोगों ने बताया कि नदी म...

कालीसिंध नदी में आए उफान से कोहराम, मुश्किल में फंसे लोग, मदद नहीं मिली तो ड्रम से बनाई नाव

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बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड के नीमथूर गांव में बाढ़ से घिरे सेना के जवानों ने बुधवार को करीब 81 जनों तथा मांगरोल-अन्ता विधानसभा क्षेत्र के भैरूपुरा, कालूपुरा गांवों से लगभग 203 व बालदड़ा में 133 जनों सहित विभिन्न स्थानों से 517 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। इन सभी लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने दोपहर में हवाई सर्वेक्षण कर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात की जानकारी ली। जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता व एसपी कल्याणमल मीणा ने मांगरोल-अन्ता विधानसभा क्षेत्र के भैरूपुरा, कालूपुरा व बालदड़ा पहुंच कर हालात का जायजा लिया। इन तीनों गांवों से लगभग 170 लोगों को सुरक्षित निकाला। कलक्टर गुप्ता ने बताया कि सीसवाली क्षेत्र के भैरूपुरा व कालूपुरा गांवों में कालीसिंध नदी का पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात बने। बुधवार शाम से कालीसिंध नदी का उफान कम होने लगा है। दो-तीन दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है। यह भी पढ़े : मानसून बना आफत- कोटा में 73 फीसदी अधिक बरसा पानी   81 को निकाला छीपाबड़ौद क्षेत्र के बाढ़ से घि...

भारी बरसात से नदी-नाले उफान पर, 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटने से 2 किसानों के घर में मचा कोहराम

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क बारां शहर समेत जिले के कई क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई बरसात के चलते कई नदी-नाले उफन गए। जिला मुख्यालय से कई रास्ते नदियों-नालों में उफान आने से मार्ग अवरुद्ध हो गए ह्रैं। बारां में 38 एमएम, अन्ता में 8 एमएम, मांगरोल में 20 एमएम, अटरू में 4 एमएम, शाहाबाद में 12 एमएम तथा किशनगंज में 22 एमएम बरसात हुई है। वहीं, भंवरगढ़ क्षेत्र समेत कई ग्रामीण इलाकों से भी बरसात के समाचार मिले हैं। रोडवेज डिपो प्रबन्धक सुनीता जैन ने बताया कि परवन नदी में पानी की आवक होने से बारां-झालावाड़ मार्ग, बारां से श्योपुर वाया खातोली मार्ग, छीपाबड़ौद से मनोहरथाना मार्ग, शेरगढ़ मार्ग तथा नाहरगढ़ मार्ग अवरुद्ध रहा। केलवाड़ा में एक मकान की छत भी गिर गई। जिले में शुक्रवार को अधिकतम 28 तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहा। कई मार्ग बंद: गऊघाट क्षेत्र में जोरदार बारिश से शुक्रवार को परवन नदी में उफान आ गया, इससे कई मार्ग बंद हो गए। गऊघाट सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को हुई बारिश से शुक्रवार को परवन नदी उफन गई। गऊघाट चौकी की पुलिया पर आठ फीट पानी रहा। इससे गऊघाट की पुरानी पुलिया पर 15 फीट से अधि...

कोरोनाकाल के बाद रक्षाबंधन पर बाजार में रौनक, बिक रही सोने और चांदी की राखियां

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कोरोनाकाल के दौरान लंबे समय से बाजारों में छाई सुस्ती अब दूर होने लगी है। रक्षाबंधन के चलते बाजारों में खरीदारी करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही हैं। वहीं मिठाई, किराना, कपड़ा, चूड़ी सहित कई दुकानों पर ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की जा रही है। कोरोनाकाल के दौरान मंदी के दौर से गुजर रहे बाजारों में लंबे समय बाद ग्राहकों की रौनक देख दुकानदार भी खुश नजर आए। मंगलवार को साप्ताहिक हाट में बड़ी संख्या में आए ग्रामीणों ने यहां आजाद सर्किल से लौटा भैरू तक लगी राखी की दुकानों पर खरीदारी की। यह भी पढ़ें : राजस्थान पत्रिका का अभियान रक्षकों की राखी: सैनिकों की कलाई पर बंधेगी स्नेह की डोर भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व की वजह से बाजार में राखियों के अलावा अन्य दुकानों में भी लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। बाजार में सामान्यता दो रुपए से लेकर 500 रुपए तक की राखियां मौजूद हैं। वहीं कुछ बहने सोने और चांदी की राखियां भी खरीद रही हैं। इन राखियों की कीमत एक हजार से लेकर 10 हजार तक है। हालांकि महंगी राखियों की खरीदारी करने वालों की संख्या सीमित है। इसके बाद भी सर्राफा की दुक...

बाजार में नई-नवेली राखियों की बहार, कीमत 5 से लेकर 150 रुपए तक

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क Raksha Bandhan 2022: बहन-भाई के अटूट प्रेम स्नेह के पर्व रक्षाबंधन पर्व को लेकर शहर में राखियों की दुकानें सज गई हैं। वहीं खरीदारी भी शुरू हो गई है। विभिन्न प्रकार की राखियां बाजार में बिक्री के लिए सजाई गई हैं। इस बार पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। रक्षाबंधन का त्यौहार 11 अगस्त को है । दुकानों पर इस बार बच्चों के लिए एलईडी लाइट वाली राखी, सीटी बजाने वाली राखी, डोरेमोन, बेनटेन, छोटा भीम, हाथघड़ी वाली राखियां बिक्री के लिए लाई गई हैं। महिलाओं के लिए चूड़ा राखी, लहरिया, कंगन राखी, लटकन राखी विशेष आकर्षण है। साथ ही डायमंड राखी, जरी की राखी, ज्वैलरी कट राखी आदि भी बिक्री के लिए लाई गई हैं। पार्सल राखी लुभा रही: विभिन्न राखियों के साथ ही बाहर अपने भाई को भेजने के लिए पार्सल राखी भी बाजार में आई हैं। जिसमें रोली, चन्दन, चावल व मिश्री के साथ ही एक छोटी सी गीता की पुस्तक भी है। साथ ही पूजा की छोटी थाली वाली राखियां भी सजी हुई हैं। इसके अलावा डोरे, गुलाब फूल की राखी, श्रवणजी की राखियां भी बिक्री के लिए सजी हैं। बड़े डोरे भी बाजार में बिक्री के लिए आए हैं। ...

ये कैसी व्यवस्था... इधर कॉलेज में परीक्षा जारी, उधर चुनाव की तैयारी

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बारां. सरकार की ओर से कोरोनाकाल के दो वर्ष बाद एक बार फिर कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव कराने की तैयारी की जा रही है, लेकिन इन दिनों कॉलेजों में परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया भी चल रही है। कई छात्रों के प्रेक्टिकल नहीं हुए। इसके अलावा हजारों छात्र परीक्षा परिणाम जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए छात्र संगठनों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्र नेताओं में सरकार की ओर से घोषित किए चुनाव कार्यक्रम को लेकर नाराजगी है। घोषित कार्यक्रम के तहत 18 अगस्त को मतदाता सूचियों का प्रकाशन तथा 26 अगस्त को मतदान होगा, लेकिन प्रथम वर्ष के छात्रों की तो परीक्षा ही 18 अगस्त को समाप्त होगी। इसी दिन मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। सबसे अधिक दुविधा चुनाव लडऩे का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को लेकर रहेगी। सर्कुलर का अब तक अता-पता नहीं सूत्रों का कहना है कि आयुक्तालय की ओर से प्रत्याशियों की पदवार योग्यता आदि को लेकर भी सर्कुलर जारी किया जाता है, लेकिन इस वर्ष अब तक तो जारी नहीं किया गया। कोरोना से पहले चुनाव हुए तब सर्कुलर जारी किया गया था। इससे सर्कूलर की स्थिति को लेकर भी असंमजस...