Posts

Showing posts from December, 2022

बारां की मिट्टी में गुणवत्ता का गेहूं, देशभर में डिमांड

Image
बुवाई से पहले दो बार हकाई-जुताई किसान सोनू सुमन ने बताया कि वे गेहूं की बुवाई करवाने से खेत की दो बार हकाई-जुताई करवाते हैं। पाटा भी फि रवाया था जिससे खेत की मिट्टी एक समान हो जाए। उन्होंने 40 किलो गेहूं व 20 किलो डीएपी खाद मिलाकर बुवाई करवाई है। पहली सिंचाई बीस से पच्चीस दिनों में गेहूं की फ सल में पहली सिंचाई लगभग 20 से 25 दिन के अंतराल में होती है। पहली सिंचाई के साथ उगे बथुआ, बटली, सुवा की रोकथाम के लिए 2-4 डी नामक खरपतवार नाशक का प्रयोग किया जाता है। बालियां निकलने से पूर्व दूसरी सिंचाई गेहूं में दूसरी सिंचाई बालियां निकलने से पूर्व की जाती है। गेहूं की बढ़वार के लिए लगभग 30 किलो प्रति बीघा यूरिया खाद का प्रयोग किया जाता है। खेत में अच्छी तरह बालियां बनने के बाद तीसरी सिंचाई देते हैं। डंठल सूखने पर कटाई गेहूं की फ सल पीली पडऩे या नीचे से गेहूं के डंठल सूखने पर इसकी कटाई की जाती है। थ्रेसर से भूसा बनवा लेते हैं। जिन लोगों के पास जानवर नहीं है, वे हार्वेस्टर मशीन से कटाई करवाते हैं। गेहूं का उत्पादन व भाव किसानों ने गेहूं की अल्फा 4037 किस्म का प्रयोग किया है। इसका उत्पादन...

नाम वापसी के बाद साफ हुई तस्वीर

Image
बारां नागरिक सहकारी बैंक चुनाव... बारां. बारां नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव की तस्वीर शनिवार दोपहर एक बजे बाद स्पष्ट हो गई। अब बैंक के 12 संचालक पदों के लिए 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। नाम वापसी के समय के बाद शेष सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्हों का आवंटन कर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी व उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां कोटा व उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां बारां सौमित्र मंगल ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अब मतदान 24 दिसम्बर को होगा। मतदान प्रक्रिया में बैंक के 28459 सदस्य अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। मतदाताओं की सहूलियत के लिए सम्बन्धित क्षेत्र की शाखाओं में मतदान किया जा सकेगा। बारां में मतदान अस्पताल रोड स्थित सार्वजनिक संस्था धर्मादा धर्मशाला में होगा। इस मतदान केन्द्र पर बारां शहर के अलावा बारां ग्रामीण, किशनगंज व शाहाबाद क्षेत्र के सदस्य मतदान कर सकेंगे। बैंक की छबड़ा, अन्ता, मागरोल, अटरू व छीपाबड़ौद शाखाओं में अलग-अलग मतदान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। जहां उस क्षेत्र के सदस्य मतदाधिकार का उपयोग कर सकेंगे। नौ उम्मीदवार ने वापस लिए नामांकन पत्र उन्होंने बताया ...

मच्छरों ने छीना चैन और सुकून: डेंगू के साथ मलेरिया का भी दे रहे मर्ज

Image
पत्रिका न्यूज नेटवर्क राजस्थान के बारां जिले में मच्छरों से बचाव के लिए हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया गया। गांव-गांव में एंटी लार्वा गतिविधियों करने पर फोकस किया जा रहा है, लेकिन जितनी दवा की जा रही है। मर्ज बढ़ता जा रहा है। डेंगू बुखार तो वर्ष भर सेहत पर हावी रहा है। मलेरिया के रोगी भी सामने आ रहे है। घरों के आसपास पानी जमा हो रहा है। कई जगह नाले-नालियों में मच्छर पनप रहे हैं तो कई जगह साफ पानी भरा रहने से मच्छरों को पनपने का अवसर मिल रहा है। सफाई व्यवस्था को लेकर उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है। जिले में यहां मिले 11 मलेरिया के रोगी यों तो जिले के अधिकांश क्षेत्र में मलेरिया फैलाने वाला मच्छर सुस्त पड़ा हुआ है, लेकिन किशनगंज और शाहाबाद ब्लॉक में मिल रहे मलेरिया रोगियों ने गणित बिगाड़ कर रख दिया। इस वर्ष अब तक जिले में मलेरिया के 11 रोगी चिन्हित किए गए है। यह सभी 11 मरीज किशनगंज और शाहाबाद ब्लॉक क्षेत्र में ही मिले है। इससे इतना तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशनगंज और शाहाबाद ब्लॉक में अभियान के तहत ...

सर्दी में स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी अच्छी है गुड़ और तिल्ली की गजक

Image
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां। इन दिनों सर्दी के बढ़ने के साथ ही शहर में गजक-रेवड़ी की बिक्री भी जोर पकड़ने लगी है। सर्दी में तिल्ली, मूंगफली व गुड़ की गजक को लोग काफी पंसद करते हैं। शहर दो दर्जन से अधिक हाथ ठेलों पर गजक की बिक्री की जाती है। सर्दी के दिनो में गर्माहट लाने के लिए विशेष तोर से लोग तिल्ली मूंगफली की सामग्री खाफी उपयोग करते हैं। तिल्ली की बनी गजक, रेवड़ी, मावाबाठी, फलीपाक,तिल्ली की काजूकतली, तिल्ली के पापड़ तथा तिल्ली के लडडुओं की विशेष मांग सर्दी के दिनों में बढ़ जाती है। स्थानीय सामग्री की मांग स्थानीय गजक वालों द्वारा बनाई गई तिल्ली व मूंगफली से बनी सामग्री को लोग अधिक पसंद करते हैं। यह दौ सौ रूपए प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध हो जाती है। गजक बनाने वाले व्यापारी रामनिवास राठोर ने बताया कि वह करीब 40 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। सर्दी के दिनो में गजक की अच्छी बिक्री होती है। उन्होंने बताया कि वे शहर समेत बाहर भी माल की बिक्री करते हैं। मावाबाटी की अधिक मांग होती है। जो गुड़ तथा शक्कर दोनों से बनाई जाती है। यह भी पढ़ें : बांदीकुई की काली मूंगफली का दूर-दूर तक फ...

World AIDS Day: राजस्थान के इस जिले में हर माह 4 लोगों को हो रहा एड्स

Image
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां। World AIDS Day: स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने को लेकर खासे प्रयास किए जाने के बावजूद कई लोग सचेत नहीं हो रहे हैं। जागरूकता की कमी के चलते कई लोग एड्स जैसी गंभीर जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बारां जिले में ही एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में पिछले कुछ वर्षो से तो औसतन हर माह चार नए एचआईवी संक्रमित मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष के बीते आठ माह में ही अब तक 39 एचआईवी पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। लेकिन आज एक दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस पर लोगों को जागरूकता दिखाते हुए संक्रमित मरीजों से नहीं इस मर्ज से लडऩे का संकल्प लेना होगा। जिले में गर्भवती महिलाएं और युवा भी चपेट में आ रहे हैं। खुशियों पर भारी स्वार्थ सरकार की ओर से एड्स मुक्त भारत का निर्माण करने के लिए प्रयास किए जा रहे है और जागरूकता की कमी से लोग संक्रमण को अंगुठा दिखा रहे हैं। जिले में वर्ष 2006 से अब तक करीब 500 लोग पॉजिटिव मिल चुके है। हालांकि इनमें से कुछ की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन फिर भी यह आंकड़े यह बतान...