चार साल बाद बारां शहर में घर-घर पहुंचेगा 'अमृत'

बारां. जलदाय विभाग की ओर से अमृत योजना के तहत पेयजल टंकियों का निर्माण हुए काफी समय हो गया, लेकिन बजट का टोटा व वितरण लाइन बिछाने में देरी के चलते 12 में से 11 टंकियां तो शो-पीस बनी हुई है। अब कुछ टंकियों में पानी भराव कर टेस्टिंग की जा रही है तो कुछ इलाकों में लाइनों से जुड़ाव किए जाने में देरी हो रही है। रकार की ओर से वर्ष 2015-16 में स्वीकृत इस योजना के तहत वर्ष 2017 में काम शुरू किया गया था। चार वर्ष बाद भी योजना अधूरी है। एक इंटेकवैल, दो में से एक पम्पहाउस अधूरा है तथा कई किमी क्षेत्र में लाइनों के बिछाने, मिलान करने आदि कार्य शेष हंै। फिलहाल मजरावता में प्रस्तावित इंटेकवैल भी अधूरा पड़ा होने से हीकड़ स्थित इनटेकवैल से ही काम चलाना पड़ रहा है। इससे पाठेड़ा फिल्टर प्लांट का ही उपयोग हो रहा है। अटरू रोड स्थित पुराने फिल्टर की मजरावता इंटेकवैल शुरू होने के बाद जरूरत होगी।

मिलेगी राहत
शहर में कॉलेज के पीछे 8 लाख लीटर क्षमता की टंकी तथा एक पम्पहाउस का निर्माण कराया गया है। टंकी की टेस्टिंग की जा रही है। कॉलेज के आसपास के कुछ इलाको में ही इससे जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन धीरे-धीरे वितरण क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। करीब एक पखवाड़े बाद टंकी से क्षमतानुसार वितरण शुरू करने का प्रयास है। झालावाड़ रोड आमापुरा क्षेत्र में भी एक पेयजल टंकी व पम्पहाउस बनाया जा रहा है। यहां टंकी का निर्माण हुए अरसा हो गया, लेकिन पम्प हाउस का निर्माण अब तक हिचकोले खा रहा है। इससे टंकी का भराव कर पेयजल का वितरण नहीं किया जा रहा है। इस क्षेत्र के पुष्पकुंज, गोदियापुरा, आमापुरा व आसपास के लोगों को निजी नलकूपों से खरीद कर पानी लेना पड़ रहा है, जो खारा है। इसी तरह बाबजी नागर की टंकी भी लम्बे समय से पानी का इंतजार कर रही है। बाबजी नगर के लोगों का कहना है कि विभाग ने टंकी तो बना दी, लेकिन इससे पानी नहीं दिया जा रहा है।
मेलखेड़ी में भी टंकी तैयार है, लेकिन उसकी वितरण लाइन क्षतिग्रस्त है। इसी तरह शाहाबाद दरवाजा क्षेत्र में भी टंकी शो-पीस बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि टंकी का टेस्टिंग कार्य किया जा रहा है। इसकी वितरण लाइन बिछाना शेष है, लेकिन फिलहाल पुरानी वितरण लाइन से ही काम चलाया जाएगा।

दिसम्बर तक अमृत योजना का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। वैसे 12 में से एक टंकी पूर्व में शुरू कर दी थी। गजनपुरा, शाहाबाद दरवाजा, कॉलेज रोड की तीन और टंकियां आगामी एक सप्ताह में शुरू कर दी जाएंगी। इनमें पानी भर दिया गया है, टेस्टिंग की जा रही है।
अरविन्द खींची, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग



source https://www.patrika.com/baran-news/amrit-will-reach-door-to-door-in-baran-city-after-four-years-7111808/

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