जिले के रोगियों को अब आसानी से मिलेगी प्राणवायु

बारां. कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की पूर्व तैयारियों के तहत जिले के मांगरोल व केलवाड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 50-50 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट का परीक्षण सफल रहा है। अब इन दोनों स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यकता होने पर आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेगी। जबकि जिला चिकित्सालय में 35 से बढ़कर 300 सिलेंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन की उपलब्धता हो गई है। यहां अडाणी पावर प्लांट के सीएसआर से 200 व एनएचएम की ओर से 65 सिलेंडर प्रतिदिन क्षमता के प्लांट का भी परीक्षण सफल रहा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिले में 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 50-50 सिलेंडर ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाने की घोषणा की गई थी। तब इनका कार्य जुलाई माह में पूरा किए जाने पर फोकस किया गया था, लेकिन कई कारणों से काम पूरा होने में विलम्ब होता चला गया। इसे लेकर 'राजस्थान पत्रिकाÓ ने कई बार समाचार प्रकाशित कर जिला प्रशासन व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चेताया था। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थापना को लिए चिकित्सा विभाग के अधिकारी हरकत में आए थे तथा कार्य को गति दी गई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिले के ६ अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। अगले सात दिनों में इनका परीक्षण कर लिया जाएगा। इस दौरान यदि कोई कमी मिली तो उसे भी दूर किया जाएगा।
अब 35 से 300 पर पहुंचे
जिला चिकित्सालय में एनएचएम के एक मात्र ऑक्सीजन प्लांट से महज 35 सिलेंडर का उत्पादन हो रहा था। अब यहां दो नए प्लांट का सफल परीक्षण होने से 265 सिलेंडर प्रतिदिन उत्पादन बढ़ गया। ऐसे में यहां प्रतिदिन 300 सिलेंडर ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध होगी। इसके अलावा वर्तमान में डीआरडीओ के 200 व आरइसी फंड से 280 सिलेंडर ऑक्सीजन क्षमता के प्लांट्स का कार्य भी अन्तिम चरण में है। इनका भी कुछ दिनों में परीक्षण किया जाएगा। ऐसे में जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 780 सिलेंडर ऑक्सीजन की उपलब्धता रहेगी।
सभी केन्द्रों पर पाइप लाइन
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिला चिकित्सालय समेत सभी आठ सामुदायिक चिकित्सालयों में प्रत्येक बेड को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ दिया गया है। इससे रोगियों को आवश्यकता अनुसार ऑक्सीजन मिल सकेगी। सिलेंडर खत्म होने के बाद उसे बदलने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि जिला चिकित्सालय में काफी समय पहले ऑक्सीजन सेंट्रलाइज्ड लाइन बिछा दी गई थी, लेकिन यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होने से रोगियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था।
-जिले के सभी बड़े सरकारी चिकित्सालयों में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने से कोरोना संक्रमितों को ही अन्य गंभीर रोगियों के उपचार में भी आसानी होगी। सबसे बड़ी राहत तो अन्य जिलों से ऑक्सीजन सिलेंडर के परिवहन से मिलेगी तथा गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन के अभाव में जिले से रैफर भी नहीं करना पड़ेगा। शेष संयंत्रों का कार्य भी अब सात-आठ दिनों में पूरा हो जाएगा।
डॉ. सम्पतराज नागर, सीएमएचओ, बारां



source https://www.patrika.com/baran-news/now-the-patients-of-the-district-will-get-life-easily-7095528/

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