गांव से दो किलोमीटर पहले रुक जाते हैं एम्बुलेंस वाहन के पहिए

कस्बाथाना . कस्बाथाना ग्राम के बाशिंदों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। टांडा अहिरान गांव तक पहुंचने के लिए इमरजेंसी सेवा डायल 100 एम्बुलेंस 108 वाहन के कर्मचारियों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यहां तक की जर्जर पुलिया की सुध भी अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले रहे हैं। जिससे स्कूल जाने वाले नौनिहाल जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार कस्बाथाना की पलकों नदी की पुलिया एक साल पहले क्षतिग्रस्त हुई लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई है।

आलम यह है कि टांडा अहिरान गांव में बरसात के मौसम में एम्बुलेंस तक नहीं पहुंच पाती। चिकित्सा कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है । विकास से दूर यहां के बाशिंदों को रोजाना ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों को उस वक्त होती है जब गांव में कोई ग्रामीण गंभीर रूप से बीमार हो जाए या फिर कोई महिला की डिलेवरी होनी हो तो गांव में एंबुलेंस तक नहीं जा पाती है।
यह पुलिया भी क्षतिग्रस्त
एक साल होने के बावजूद भी काली माता मंदिर के रास्ते वाली पुलिया को भी ठीक नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में मंदिर और अपने खेतों तक आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बाथाना से कछियाथाना जोड़ऩे वाले रास्ते में सरकारी कुएं के पास भी पुलिया क्षतिग्रस्त है। इसी के साथ कस्बाथाना में पिछले वर्ष टूटी पुलियाओं का मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया है।
पलकों का पुल एक साल पहले की बारिश में टूटा हर साल ऐसे ही क्षतिग्रस्त हो जाता है 181 पर भी शिकायत की आश्वासन दिया जाता है काम नहीं होता, इस साल मरम्मत नहीं कराई गई है कही बार शिकायत के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई इमरजेंसी सेवाओं में हमारे लिए इसके सिवा कोई और रास्ता नहीं है
मांगीलाल खंगार, निवासी टांडा अहिरान
इस पुलिया के लिए मैने जेईएन को भेजा था अभी बजट की डिमांड की है। अभी बजट आया नहीं है। आते ही मरम्मत कराएंगे।
हरिप्रसाद मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग शाहबाद



source https://www.patrika.com/baran-news/bridge-of-the-palakon-river-of-kasbathana-was-damaged-7654211/

Comments

Popular posts from this blog

कोरोना को लेकर चिकित्सा विभाग हुआ अलर्ट

Rajasthan Assembly Election 2023 : पुल नहीं तो वोट नहीं पर अड़े हैं होड़ापुरा के ग्रामीण

कोरोनाकाल के बाद रक्षाबंधन पर बाजार में रौनक, बिक रही सोने और चांदी की राखियां