नए वैरिएंट जेएन-1 की आहट ने डराया, इस बार भी सतर्कता ही बचाएगी

केरल के बाद प्रदेश के जयपुर ओर जैसलमेर में भी कोराना के नए वेरियंट जेएन-1 के मामले सामने आने से चिन्ता बढऩे लगी है। प्रदेश में भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। लक्षणों के आधार पर सेम्पल बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। लोगों को भी नए वेरिएंट को लेकर एहतियात बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले जिले में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मॉकड्रील कर उपलब्ध संसाधनों की स्थिति और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की थी। इस दौरान 7 में से 2 ऑक्सीजन प्लांट संचालित मिले थे। शेष ऑक्सीजन प्लांटों पर मिली कमियों को चिन्हित कर पूरी रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेज दी गई थी। वर्तमान में एमसीएच के लिए एक ही ऑक्सीजन प्लांट हैं। इसमें किसी तरह का व्यवधान आने पर समस्या आने की आशंका है। इसे देखते हुए ऑक्सीजन सिलैंडर के लिए टैंडर कराने की जरूरत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की थी एडवाइजरी

कोरोना के मामलों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी थी। दिसम्बर के दूसरे सप्ताह में केरल में जेएन-1 वेरिएंट के केस आना शुरू हो गया था। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने एडवाइजारी जारी कर दी थी। इसमें कहा गया कि मौसम में हो रहे बदलाव और फेस्टिवल सीजन को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। केन्द्र की ओर से इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों की निगरानी रखने के निर्देश दिए तथा राज्यों से कोविड टेङ्क्षस्टग बढ़ाने की अपील की।

धीरे-धीरे बढ़ा रहे सेम्पल

जिले में फिलहाल कोराना को लेकर पूरी तरह शांति बनी हुई है, लेकिन धीरे-धीरे सेम्पल की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत चिकित्सकों की ओर से भी लक्षण के आधार पर कोविड जांच लिखना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल स्थित आरटी पीसीआर लैब में दो-तीन दिन में एकत्र होने वाले सेम्पलों की एक साथ जांच की जा रही है। यहां शुक्रवार को 32 सेम्पलों की जांच की गई। इसमें सभी सेम्पल नेगेटिव मिले हैं।

कोरोना प्रोटोकॉल अपनाएंगे तो रहेंगे सुरक्षित

विशेषज्ञों और जानकारों का कहना है कि कोरोना के इस नए वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरत है केवल सावधानी रखने की और कोरोना प्रोटोकॉल का ईमानदारी से पालन किए जाने की। जिस तरह से हम सभी पहले भी कर चुके हैं। इसमें कुछ नया नहीं है। यही कुछ जरूरी कदम हम सभी को इससे बचाकर रखेंगे।

केस नहीं, लेकिन सावधानी रखना जरूरी

चिकित्सा सूत्रों का कहना है कि जिले में नए वेरिएंट का यों तो अब तक एक भी मामला नहीं मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार यह वेरिएंट अधिक मारक भी नहीं है। इससे कोरोना को लेकर डरने की जरूरत तो नहीं है, लेकिन संक्रमण के फैलाव की स्थिति को देखते हुए जागरूक रहकर एहतियात बरतने की आवश्यक है।

जिला अस्पताल में यों तो ऑक्सीजन के सात प्लांट स्थापित है, लेकिन वर्तमान में इनमें से दो प्लांट चालू हालत में है। शेष प्लांट को लेकर भी उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी हुई है। इन्हें ई-उपकरण से शुरू करने का प्रयास है। इसके अलावा 20 बेड का कोविड आईसीयू संचालित हैं। आवश्यकता होने पर आईसीयू के बेड की संख्या 36 तक बढ़ाने का इंतजाम है। ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर टेंडर कराने की तैयारी की जा रही है।

डॉ. सतीश अग्रवाल, पीएमओ, जिला अस्पताल



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